14 से 18 साल के बच्चे से उद्योगों में काम कराना अपराध : थिंद




नवांशहर | सरकारी हाई स्कूल अलाचौर में जिला बाल सुरक्षा यूनिट ने बच्चों को उनके अधिकारों व सखी वन स्टाफ सेंटर द्वारा मिल रही सुविधाओं की जानकारी दी। बाल सुरक्षा अधिकारी स्माइली थिंद ने बाल विवाह रोकू एक्ट 2016, पॉक्सो व बाल मजदूरी रोकू एक्ट 2016 सबंधी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 14 से 18 साल व जिसमें बच्चों की जान को खतरा हो तथा बच्चों के सेहत के लिए खतरनाक माने जाते उद्योगो में काम नहीं करवाया जा सकता। यह एक कानूनी अपराध है। बाल मजदूरी करवाने वाले माता पिता पर भी यह कानूनी कार्रवाई की जाे सकती है। किसी भी बच्चों को काम पर रखने वाले व्यक्ति को दो साल तक की सजा व 50 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह एक्ट सबंधी जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह में शामिल होने वाले व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकता है। अारोपी साबित होने पर 2 साल की सख्त सजा तथा एक लाख रुपए जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत 1098 पर जानकारी दी जा सकती है। सखी वन स्टाफ सेंटर की सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा पीड़ित औरत सिविल अस्पताल में शिकायत दे सकती हैं। यहां फ्री डाक्टरी, कानूनी व पुलिस मदद मुहैया कराई जाती है। वकील की मुफ्त कानूनी सेवाएं भी इस सेंटर में खोले लीगल एड क्लीनिक से मुहैया करवाई जाती हैं। हिंसा पीड़ित महिलाएं आरजी तौर पर अपने छोटे बच्चों सहित आसरा भी इस सेंटर में ले सकती है। इस मौके मंच संचालन देस राज बाली, हेड मास्टर सरवण सिंह, सुखवंत कौर, कमलजीत लाडी, डिंपी खुराना, नवजोत सिंह, सुरिंदर पाल, प्रतिभा शर्मा व तमन्ना आदि हाजिर रहे।

सरकारी स्कूल अलाचौर में संबोधित करते स्माइली थिंद। (दाएं) उपस्थित विद्यार्थी व स्टाफ।

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Nawanshahr News – getting 14 to 18 year olds to work in industries is a crime thind


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