खाद्य संकट से जूझ रहे उत्तर कोरिया को भारत ने 7 करोड़ रु. की मदद की



सियोल. उत्तर कोरिया अब तक के सबसे बड़े खाद्य संकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए भारत ने वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के जरिए उ. कोरिया को 10 लाख डॉलर (करीब 7 करोड़ रु.) की राशि दी है। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की मासिक रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई।

  1. इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए दक्षिणकोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी ने कहा कि डब्ल्यूएफपी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) की सहायता के लिए आगे आया है। इसके तहत भारत सरकार से 7 करोड़ रुपए का योगदान मिला है।

  2. सितंबर में डब्ल्यूएफपी से उत्तर कोरिया को 1905 टन खाद्य सहायता प्राप्त हुईथी। इससे देश के कुल 5,84,800 लोगों को मदद मिली। वहीं, अगस्त में 1,425 टन सहायता मिली।

  3. उत्तर कोरिया में 2018 में फसल उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। डब्ल्यूएफपी की हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया की 40% आबादी(करीब एक करोड़ लोग)खाद्य संकट से जूझ रहीहै।

  4. इससे पहले दक्षिण कोरिया ने डब्ल्यूएफपी के जरिए प्योंगयांग को 50 हजारटन चावल उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

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      प्रतीकात्मक फोटो।