पुजारा को डे-नाइट टेस्ट का बेसब्री से इंतजार, बोले- रात में गेंद दिखने में थोड़ी परेशानी हो सकती है



खेल डेस्क. टीम इंडिया के खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा का कहना है कि वे भारतीय टीम के पहले डे-नाइट टेस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनके मुताबिक इस मैच में आने वाली कुछ चुनौतियों के बाद भी उन्हें इस बात का भरोसा है कि इसमें भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा ‘मुझे लगता है कि शाम के वक्त गेंद को देखने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन जितना ज्यादा आप इससे खेलेंगे, उतनी आपको इसकी आदत हो जाएगी। कुल मिलाकर ये अनुभव और गेंद के व्यवहार को समझने पर है।’

भारत और बांग्लादेश के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होने वाला टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच डे-नाइट फॉर्मेट में होगा और 22 से 26 नवंबर के बीच गुलाबी गेंद से खेला जाएगा। पुजारा को गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव है। तीन साल पहले दलीप ट्रॉफी में जब पहली बार गुलाबी गेंद काइस्तेमाल किया गया था, तो उस वक्त पुजारा ने इंडिया ब्लू की ओर से खेलते हुए टूर्नामेंट में कुल 453 रन बनाए थे, जिसमें दो दोहरे शतक भी थे।

जितना ज्यादा खेलेंगे उतना सीखेंगे

डे-नाइट टेस्ट के बारे में बात करते हुए पुजारा ने कहा, ‘ये काफी रोमांचक होने वाला है, हमने जो खेला था वो प्रथम श्रेणी का मैच था, लेकिन ये टेस्ट मैच होगा। मुझे यकीन है सभी खिलाड़ी इसे खेलने को लेकर बेहद उत्सुक हैं।’ गुलाबी गेंद को लेकर उन्होंने कहा, ‘जितना ज्यादा हम इससे खेलेंगे, इस बात को सीख पाएंगे कि गेंद से कैसे निपटना है। हर गेंद की अपनी चुनौतियां होती हैं। मुझे नहीं लगता कि लाल गेंद से गुलाबी गेंद पर शिफ्ट करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत होगी, क्योंकि आखिरकार हम पांच दिन का मैच ही खेल रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हां फ्लड लाइट्स में ये थोड़ा अलग होता है, लेकिन ये तो गुलाबी गेंद की आदत पड़ने पर है। मुझे नहीं लगता कि इससे कोई बड़ा फर्क पड़ेगा। जब एकबार हम कुछ टेस्ट मैच खेल लेंगे तो दोनों के बीच सटीक अंतर समझने की हालत में होंगे और सुधार कर सकेंगे।’

ज्यादातर खिलाड़ियों को गुलाबी गेंद का अनुभव

वर्तमान भारतीय टीम में पुजारा के अलावा मयंक अग्रवाल, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी और रिद्धिमान साहा को घरेलू क्रिकेट में गुलाबी गेंद से खेलने का अनुभव है। उन्होंने कहा, ‘हमें कोई परेशानी नहीं होने वाली है, टीम के ज्यादातर सदस्य दलीप ट्रॉफी में खेल चुके हैं और जो अबतक नहीं खेले हैं, उनके लिए ये सीखने का अच्छा मौका है।’ गेंदबाजों को पिच से मिलने वाली मदद को लेकर उन्होंने कहा, ‘डे-नाइट टेस्ट में गेंदबाजों को पारंपरिक टेस्ट से विपरीत अलग-अलग समय पर मदद मिल सकती है। एकबार हम खेल लें, तो ऐसी सभी चीजों के बारे में हमें पता चल जाएगा। हमें जितना जल्दी हो सके खुद को इसके अनुकूल ढालना होगा।’

रोहित और मयंक हमारा काम आसान कर रहे

भारतीय टीम को मिली नई ओपनर जोड़ी को लेकर पुजारा ने कहा, ‘ये हमारे लिए बड़े बोनस जैसा है कि मयंक और रोहित दोनों रन बना रहे हैं। हम चाहते हैं कि वे दोनों इसी तरह रन बनाते रहें। हमारी बैटिंग लाइनअप भी मजबूत हो गई है। अगर ओपनर अच्छी शुरुआत देते हैं तो नंबर 3, 4 और 5 पर उतरने वालों के लिए काम आसान हो जाता है।’ खुद की बल्लेबाजी को लेकर उन्होंने कहा, ‘एक तरफ आपको खुद पर दबाव डालने की जरूरत नहीं है, और दूसरी तरफ आपको लगातार अपने खेल पर काम करते रहना चाहिए और उसे बेहतर बनाना चाहिए।’

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चेतेश्वर पुजारा (फाइल फोटो)