फिक्सिंग में कई बार आया भारतीय सटोरियों का नाम, जिनके चक्कर में फंसे प्रमुख देशों के क्रिकेटर्स



खेल डेस्क. आईसीसी ने हाल ही में भ्रष्ट आचरण की जानकारी ना देने पर बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। उन पर आरोप था कि दीपक अग्रवाल नाम के एक बुकी ने साल 2018 में उनसे तीन बार संपर्क किया था, लेकिन इस बारे में उन्होंने ना तो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को और ना ही आईसीसी को जानकारी दी थी। जिसके बाद उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई। क्रिकेट की दुनिया में इससे पहले भी ऐसे कई मौके आ चुके हैं, जब भारतीय सट्टेबाजों की वजह से कई टॉप क्रिकेटर मुश्किल में पड़ गए, इनमें से कुछ का तो करियर ही दांव पर लग गया।

कुछ साल पहले श्रीलंकाई क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आईसीसी के तत्कालीन एंटी करप्शन जनरल मैनेजर एलेक्स मार्शल ने बताया था कि विश्व क्रिकेट में काम करने वाले अधिकांश सट्टेबाज भारत से हैं। मार्शल का कहना कहा था, ‘श्रीलंका में स्थानीय और भारतीय दोनों तरह के सट्टेबाज हैं, हालांकि दुनिया के अन्य हिस्सों में ज्यादातर भारतीय सट्टेबाज सक्रिय हैं।’ यहांहम आपको कुछ ऐसे ही मामलों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें कहीं ना कहीं भारतीय सट्टेबाजों का नाम सामने आया था।

मार्क वॉ-शेन वॉर्न सट्टेबाजी विवाद

ये वो मामला है जो काफी साल पहले सुर्खियों में आया था और इसमें ऑस्ट्रेलिया के दो नामी क्रिकेटर्स शेन वॉर्न और मार्क वॉ फंसे थे। 1994 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम श्रीलंका दौरे पर थी, तब इन दोनों खिलाड़ियों को भारतीय सट्टेबाज को जानकारी के बदले रिश्वत लेने का दोषी पाया गया था। इसके बाद साल 1995 में तीन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों मार्क वॉ, शेन वॉर्न और गेंदबाज टिम मे ने आरोप लगाते हुए कहा था कि 1994 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम पाकिस्तान दौरे पर थी, तब मेजबान टीम के प्रमुख खिलाड़ी सलीम मलिक ने पैसे लेकर मैच हारने के बारे में पूछा था।

हैंसी क्रोन्ये मैच फिक्सिंग विवाद

अप्रैल 2000 में जब भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज खेली जा रही थी, उस वक्त दिल्ली पुलिस ने मेहमान टीम के कप्तान हैंसी क्रोन्ये पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाते हुए उनकी और सट्टेबाज के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा जारी किया था। इस बार भी एक भारतीय सट्टेबाज सामने आया था, जिसका नाम संजय चावला था।

शुरू में फिक्सिंग के आरोपों से इनकार करने के बाद क्रोन्ये ने भारत में खेली जा रही वनडे सीरीज के दौरान बुकी को मैच से जुड़ी जानकारियां देने की बात स्वीकार कर ली थी। बाद में इस मामले की जांच कर रहे किंग कमीशन के सामने पैट सिमकॉक्स और हर्शल गिब्स जैसे नामी दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने गवाही देते हुए कहा था कि क्रोन्ये ने उनसे भी भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने के लिए कहा था। जांच में क्रोन्ये ने इस बात को माना था कि वे 1996 से रिश्वत ले रहे हैं।

मोहम्मद अजहरुद्दीन पर भी लगा था बैन

मैच फिक्सिंग की जांच के दौरान क्रोन्ये ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन पर भारतीय सट्टेबाज से मुलाकात कराने का आरोप लगाया था। क्रोन्ये ने कहा था कि उसी बुकी ने उन्हें 1996 में दक्षिण अफ्रीकी टीम के भारत दौरे के वक्त एक टेस्ट मैच गंवाने की पेशकश की थी। मैच फिक्सिंग में नाम आने के बाद बीसीसीआई ने अजहर पर जीवनभर के लिए बैन लगा दिया था। हालांकि साल 2012 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने उन पर लगे बैन को अवैधानिक मानते हुए उसे हटा दिया।

क्रोन्ये मामले के सामने आने के बाद हुई जांच में तीन भारतीय क्रिकेटर (अजय जडेजा, मनोज प्रभाकर और अजय शर्मा) सटोरियों के संपर्क में रहने के दोषी पाए गए, जिसके बाद तीनों पर बैन लगा दिया गया। इनमें से मनोज प्रभाकर ने तो एक बार कपिल देव पर खराब प्रदर्शन के बदले रिश्वत ऑफर देने का आरोप लगाया था।

क्रिस केर्न्स और लो विंसेंट सट्टेबाजी मामला

मैच फिक्सिंग में शामिल रहने की वजह से न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर लो विंसेंट पर 1 जुलाई 2014 से लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था। उन्होंने इस बात को माना था कि वो लंबे समय से मैच फिक्सिंग में शामिल रहे थे। साथ ही उन्होंने अपनी टीम के पूर्व कप्तान क्रिस केर्न्स पर आईसीएल (इंडियन क्रिकेट लीग) टूर्नामेंट के दौरान मैच फिक्स करने के लिए मनाने का आरोप लगाया था।

दानिश कनेरिया और भारतीय सटोरिये का कनेक्शन

पाकिस्तानी लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने लंबे समय तक आरोपों को नकारने के बाद साल 2018 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने भारतीय मूल के एक सटोरिये अनु भट का नाम बताया और कहा कि उसी ने साल 2009 की इंग्लिश काउंटी के एक मैच के पहले ओवर में 12 लुटाने के लिए कहा था। विशेष रूप से फिक्सिंग विवाद के सामने आने के बाद एसेक्स टीम में कनेरिया के पूर्व साथी मर्विन वेस्टफील्ड को जेल की सजा काटनी पड़ी थी।

अशरफुलभी भारतीय बुकी के संपर्क में थे

बांग्लादेश प्रीमियर लीग स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी पाए जाने के बाद बांग्लादेशी क्रिकेटर मोहम्मद अशरफुल को 8 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। उनके संबंध भी भारतीय सट्टेबाज के साथ थे। हालांकि बाद में उनकी सजा 5 साल कर दी गई। जांच के दौरान अशरफुल ने बताया था कि साल 2007 में जब वे बांग्लादेश टीम के कप्तान थे तब भी उस बुकी ने उन्हें मैच फिक्स करने का ऑफर दिया था, हालांकि तब उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया था।

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बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन (फाइल फोटो)