‘महा’ का खतरा टला; लेकिन ‘बुलबुल’ और मजबूत, आज ओडिशा के तट से टकराएगा



दिल्ली. अरब सागर में उठे तूफान ‘महा’ का खतरा भले ही टल गया है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में ‘बुलबुल’ और मजबूत होता जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा। इसके शुक्रवार को तटीय क्षेत्र से टकराने की संभावना है।

140 किमी प्रतिघंटे की गति से चलसकती है हवा

मौसम विभाग के अनुसार जिस समय यह तूफान टकराएगा, उस समय हवा की गति 140 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। गुरुवार को ‘बुलबुल’ के प्रभाव क्षेत्र में हवा की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रतिघंटे दर्ज की गई, जबकि केंद्र में इसकी गति 90 किमी प्रति घंटे है।

पीएम मोदी ने जताई चिंता
‘बुलबुल’ के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में एनडीआरएफ की टीमें भेजी गईं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जताई है। इसके बाद पीएम के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। इसमें प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।

ओडिशा के लिए अगले पांच दिन भारी
आईएमडी ने अगले पांच दिन के लिए ओडिशा में अलर्ट जारी किया है। राज्य के चार जिलों बालासोर, भदरक, केंद्रापारा और जगतसिंहपुर में 9 और 10 नवंबर को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दो दिनों में भारी बारिश की आशंका है।

महा मंद, पर असर अब भी
अरब सागर में उठे तूफान महा का खतरा भले ही टल गया है, लेकिन इसके असर के कारण गुजरात के 15 जिलों की 104 तहसीलों में भारी बारिश हुई है। सूरत में गुरुवार सुबह से ही रुक-रुक कर दिनभर बारिश होती रही। उमरपाड़ा में सबसे ज्यादा 41 मिमी बारिश हुई। शहर में कुल 13 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को भी तूफान के कारण कई इलाकों में बारिश हो सकती है।

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