असिस्टेंट कमांडेंट शहीद आरके वाधवा का आज मनाया जाएगा शहीदी दिवस




सीमा सुरक्षा बल के असिस्टेंट कमांडेंट राम कृष्ण वाधवा ने 5 दिसंबर 1971 को पाक फौज के द्वारा भारतीय क्षेत्र की चेक पोस्ट राजा मोहतम व जोगिंदर चौकी पर कब्जा कर लेने के बाद बीएसएफ के उच्चाधिकारियों के द्वारा पाक फौज को खदेड़कर कब्जा छुड़ाया। उस समय सीमा पर तैनात बीएसएफ की 31 बटालियन के कमांडेंट सम्पूर्ण सिंह सोखी को इस कार्य को पूरा करने के लिए असिस्टेंट कमांडेंट आरके वाधवा का नाम लिया। लोगों ने बताया कि आरके वाधवा 25 वर्ष के अविवाहित युवा अधिकारी थे व उन्होंने ये जिम्मेदारी हंसकर ली। शहीद आरके वाधवा के भाई सुभाष चन्द्र ने बताया कि अपने उपर किए गए भरोसे पर खरा उतरने के लिए उन्होंने इस मिशन पर जाने के लिए अपने साथ लेकर जाने के लिए 80 जवान एक तरफ कर लिए। रात्रि 8 बजे जब बल के जवान असिस्टेंट कमांडेंट आर के वाधवा के नेतृत्व में राजा मोहतम चौकी पर अपना कब्जा करने के लिए आगे बढ़े तो दुश्मन देश की फौज अचानक भाग खड़ी हुई व उन्होंने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी, परन्तु इस बार भारत के जवानों ने पाक को करारा जवाब दिया गया। सुबह 4 बजे तक वाधवा ने अपने जवानों के साथ राजा मोहतम चौकी पर कब्जा कर लिया। इस युद्ध में पाक के दो फौजी मारे गए व एक को पकड़ लिया गया। राजा मोहतम चौकी चेक पोस्ट पर कब्जा करने के बाद क्षेत्र के मेजर जनरल एच के बख्शी 14 डिवीजन ने खुद पोस्ट में आकर वाधवा को बधाई दी। 11 दिसंबर 1971 को दुश्मन देश की फौज द्वारा पोस्ट पर अचानक हमला कर दिया गया जिसमें आरके वाधवा, इंस्पेक्टर भगवंत सिंह, सब इंस्पेक्टर इकबाल सिंह, सिपाही सुक्खा सिंह, राम सिंह, ओम प्रकाश, टहल सिंह व सरदूल सिंह शहीद हो गए। इन शहीदों की याद में हर वर्ष 11 दिसबर को ममदोट के सरकारी स्कूल में व चेक पोस्ट राजा मोहतम में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

आरके वाधवा की याद में बनाई गई स्मृति।

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Mamdot News – martyr39s day will be celebrated today by assistant commandant shaheed rk wadhwa