जमीन विवाद में युवक का अपहरण कर मारपीट के बाद नशा देकर फेंका, शेलर वाले ने चोर समझ पुलिस को सौंपा




जिस नशे की हालत में मिले युवक को पुलिस ने सेल में बंद कर रखा था, उसके परिजन जब उसे ढूंढते पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पुलिस ने नहीं बताया परंतु जब उसकी गुमशुदगी सोशल मीडिया पर वायरल की तो पुलिस ने बताया कि युवक उनके पास है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके रिश्तेदार ने रंजिशन युवक को अगवा कर मारपीट की और उसे नशा खिलाकर एक शेलर के बाहर फेंक गए। शैलर वाले ने शंका के आधार पर उसे पुलिस के हवाले कर दिया था। परिवार वालों को पता चला तो वे थाने जाकर उसे छुड़ाकर ले गए।

वहीं, इस संबंध में एसएचओ बाघापुराना कुलबिंदर सिंह ने कहा कि पिछले 3 दिन से छुट्टी पर था। उसे इस मामले की जानकारी नहीं। पूरी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

पिता को खेत में खाना देकर लौटते समय कार सवार लोगों ने पिस्तौल दिखा उठाया

गांव घोलिया कलां निवासी निर्मल सिंह ने बताया कि उनका उनके ताया परिवार के साथ दो कनाल जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। 8 दिसंबर की रात को लगभग 8 बजे वह मोटरसाइकिल पर पिता सुरजीत सिंह को खेत में खाना देने का लिए गया था। इसके बाद वह अपने दूसरे खेतों में चक्कर लगाने के लिए गया। जब वह दूसरे खेतों से चक्कर लगाकर वापस पिता के पास आ रहा था तो रास्ते में एक कार पहले से उसका इंतजार कर रही थी। उसने पिता के पास खेतों में जाने की बजाय बाइक सीधी घर की ओर भगा दी। लेकिन कार सवारों ने पीछे से बाइक को टक्कर मार कर उसे नीचे गिराया। फिर रिवाल्वर कनपटी पर लगाकर उसे बालों से घसीट कर गाड़ी में डालकर ले गए। एक युवक उसका मोटरसाइकिल लेकर पीछे आ रहा था। जबकि कार में चार लोग थे। जिनमें से एक युवक उसका करीबी रिश्तेदार था। वे लोग उसे रास्ते में पीटते ले गए और सुनसान इलाके में मारपीट की और बाद में उसे कोई नशीली चीज पिलाकर गांव के बाहर शेलर के निकट फेंक दिया। कुछ दूरी पर बाइक गिरा कर गाड़ी से फरार हो गए। रात 12 बजे शेलर मजदूरों ने उसे पकड़ा तथा मालिक को फोन पर बताया कि चोर पकड़ा है। जोकि वह शेलर गेट के निकट पड़ा था। उनके द्वारा थाना बाघापुराना पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया गया। (जैसा युवक ने बताया)

घायल निर्मल सिंह सरकारी अस्पताल में जानकारी देते हुए।

परिजनों का आरोप-जब हमने गायब होने की सूचना दी तो युवक थाने में था, पुलिस नहीं बताई

उधर जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोग उसे ढूंढने निकले। नहीं मिलने पर 9 दिसंबर को थाना बाघापुराना में उसके गायब होने संबंधी जानकारी दी। साथ में थाने के मुंशी को 8 पासपोर्ट साइज फोटो तथा दो बड़ी फोटो दी। पुलिस ने कहा कि 72 घंटे तक अगर निर्मल सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है तो उसके बाद कार्रवाई करेंगे। पुलिस द्वारा 72 घंटे का समय देने के बाद उसके परिजन घर लौट गए तथा सोशल मीडिया पर उसकी फोटो व वीडियो बनाकर वायरल कर दी। जैसे ही सोशल मीडिया पर उसके गायब होने संबंधी फोटो व वीडियो वायरल हुई तो शाम को 4:15 बजे थाना बाघापुराना से उनको फोन आया कि निर्मल सिंह रात 12 बजे से उनके थाने के सेल (हवालात) में बंद है। उसके परिजन रिश्तेदारों को लेकर थाने में आए और पुलिस से पूछा कि जब वह लोग थाने में शिकायत देकर गए थे, तो उस समय उनको क्यों नहीं बताया कि निर्मल सिंह उनके पास है। ऐसे में पुलिस उनकी बातों को जबाव देने की बजाय टाल मटोल करने लगी और उसे छोड़ दिया। उसे घायल हालत में लाकर सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुलिस को सूचना दे दी है।

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