मक्का और कपास की बिजाई करने को किया प्रेरित




भारत सरकार के कृषि लागत और कीमत कमिशन के चेयरमैन प्रो. विजय पाल शर्मा और डायरेक्टर एग्रीकल्चर पंजाब डा. स्वतंत्र कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर इंजीनियर मनमोहन कालिया ने जिले के गांव तलवंडी भंगेरियां, माणूंके, दीना साहिब आदि गांवों के खेतों का दौरा करके किसानों की मुश्किलें सुनीं और कृषि में उनकी बढ़ी लागतों के बारे में चर्चा की।

इस समय उनके साथ मुख्य कृषि अफसर डा. बलविंदर सिंह, पौधा सुरक्षा अफ़सर जसविंदर बराड़, कृषि अफसर कुलदीप सिंह बुट्टर भी मौजूद थे। इस समय अलग-अलग गांवों के किसानों ने अपने-अपने तजुर्बे और मुश्किलें कमिशन के चेयरमैन और पंजाब की कृषि टीम सामने सांझा की। इस मौके पर कृषि विभाग की टीम ने किसानों को धान के फसली चक्र से निकल कर मक्का और कपास जैसी फसलें बीजने के लिए प्रेरित किया।

चेयरमैन ने कहा कि किसानों को धान की बजाय मक्का और कपास जैसी फसलों की बिजाई करनी चाहिए, जिससे पंजाब के वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के साथ साथ भूजल के गिर रहे स्तर को बचाने के लिए भी बात की। उन्होंने कहा कि मक्का और कपास बीजने से वातावरण को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचता।

इस दौरान चेयरमैन को किसानों ने बताया कि पराली खेत में ही गलाने के लिए उनके तकरीबन 5 हजार रुपए प्रति एकड़ का खर्च आता है। किसानों ने मक्का की फ़सल की बिजाई पर सहमति जताते कहा कि सरकार को इसका कम से कम समर्थन मूल्य 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल करना चाहिए। कमिशन ने किसानों की इन मांगों के उपयुक्त हल करने का भरोसा दिलाया।

खेतों में अवलोकन करते कमिशन के चेयरमैन, अन्य अधिकारी व किसान।

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Moga News – motivated to sow maize and cotton