पुलिस का दावा- हत्यारे ने भारी मात्रा में कारतूस-बारूद इकट्‌ठा कर रखा था, वह 3 दिन तक मोर्चा ले सकता था



फर्रुखाबाद. बच्चों को फर्रुखाबाद में घर में बंधक बनाने वाले अपराधी सुभाष बाथम को पुलिस ने मार गिराया।आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि आरोपी के घर से राइफल, गोला-बारूद और भारी मात्रा में कारतूस मिले हैं।उसके पासइतना गोला-बारूद और कारतूस था किवह पुलिस सेतीन दिन तक मोर्चा ले सकता था। उन्होंने बताया कि वह ज्यादा वक्त तक पुलिस को इंगेज कर सके, इसलिए ज्यादा फायरिंग नहीं कर रहा था। शुरुआत में दहशत फैलाने के लिएउसने पुलिस और ग्रामीणों पर गोलीबारी की।

आईजी अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने घर में बंधक बनाए गए23 बच्चों को छुड़वा लिया गया है। सभी बच्चे सकुशल हैं। इससे पहलेऑपरेशन के दौरान बाथम की पत्नी रूबी की भी ग्रामीणों ने पिटाई कर दी थी, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान रूबी की मौत हो गई।

सुभाष बच्चों को धमकाता रहा, उसकी पत्नी समझाती रही

सुभाष के घर से बचकर आए 12 साल के विनीत ने बताया, ‘जब हम सब लोग सुभाष बाथम के घर पहुंचे तो उसने दरवाजा बंद कर दिया। हम सभी बच्चों को तहखाने में लेकर चला गया। वहां पर उसने सभी से कहा कि कोई रोया तो बारूद से उड़ा दूंगा। कुछ बच्चे रोने लगे तो उसकी पत्नी बच्चे को समझाती थी। यही नहीं, जब सुभाष बच्चों पर गुस्सा करता तो वह उसे भी समझाने की कोशिश करती थी। उसने बच्चों के साथ मारपीट नहीं की। उसने गांव के व्यक्ति से बच्चों के नाम पर बिस्किट और अपने लिए शराब मंगाई थी। कुछ बिस्किट बच्चों को दिए तो कुछ खुद खाए। बच्चों के सामने ही लगातार शराब भी पीता रहा। उसकी पत्नी भी डरी हुई लग रही थी।’

फर्रुखाबाद में सुभाष बाथम द्वारा बंधक बनाए गए सभी बच्चे सकुशल बरामद कर लिए गए।

फर्रुखाबाद में बच्चों को घर में बंधक बनाने वाले सुभाष बाथम को पुलिस ने मार गिराया।

19 साल पहले रेत दिया था पड़ोसी का गला
ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक सुभाष बाथम शुरू से ही अपराधी किस्म का था। 2001 में उसने पड़ोस में रहने वाले मेघनाथ से नाली बनाने को लेकर विवाद किया था। इसमें उसने मेघनाथ कागला रेतकर हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल में था। करीब साल भर पहले बाहर आया था।

बाथम कई दिन पहले से हीबच्चों को बंधक बनाने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस के स्वाट टीम से था परेशान
सुभाष को करीब 6 महीने पहले पुलिसपाइप चोरी के आरोप में पकड़ कर थाने ले गई थी। जहां से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस ने तो उसे नजरअंदाज कर दिया था। लेकिन, बाद में फिर से पुलिस कीस्वाट टीम ने उसे पकड़ लिया था।

पुलिस ने गुरुवार रात 1 बजे सुभाष बॉथम के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था।

गांव वालों को मुखबिर समझ रहा था
पड़ोस में रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि जब भी उसके साथ पुलिस का कोई मामला होता तो वह यही समझता था कि गांव वालों ने उसकी मुखबिरी की है। गांव वालों को कभी ज्यादा उससे कोई मतलब भी नहीं रहा है। उसके घर पर गांव वालों का आना-जाना बहुत कम था। गुरुवार को उसने बेटी का बर्थडे होने की बात कही थी। इसलिए, ग्रामीणों ने अपने बच्चों को भेज दिया था।

पुलिस को बाथम के घर से भारी मात्रा में गोला-बारूद और कारतूस मिले हैं।

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For three days, the accused could front the police, had stored so much ammo in the house; Neighbor’s throat was cut 19 years ago