प्रदूषण जांच केंद्र का संचालक बिना लाइसेंस के बनाता था वाहनों का फर्जी बीमा, गिरफ्तार





वाहनों व स्वास्थ्य बीमे में जाली एजेंटों द्वारा जाली बीमे थमाने से लोगों को नुकसान होता है, उससे बचने के कुछ टिप्स जान जाएं तो इससे सदैव बचा जा सकता है। इसी तरह का एक मामला थाना समालसर क्षेत्र में सामने आया है। इसमें एक ट्यूशन अध्यापक जो प्रदूषण चेक सेंटर भी चलाता है, ने एक बाइक चालक को बाइक का जाली बीमा थमा दिया। यहां बाइक मालिक सुचेत था, उसने इसकी असलीयत जानकर नकली बीमा एजेंट को हवालात में पहुंचा दिया। इस मामले की जांच कर रहे थाना समालसर के एसएचओ बलराज मोहन ने बताया कि गांव सेखां कलां निवासी बूटा सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि गांव वैरोके निवासी हरमनप्रीत सिंह जोकि ट्यूशन टीचर है और वह साथ में समालसर स्थित बराड़ प्रदूषण चेक सेंटर भी चलाता है। इस सेंटर में व वाहनों के बीमा करने का काम करता है। उसे पता चलने पर अपने बाइक का बीमा करने के लिए कहा। 9 अक्तूबर 2019 को बीमा करने के लिए उसे 900 रुपए दिए। इस पर हरमनप्रीत सिंह ने उसे बीमा करके दस्तावेज थमा दिए। बाद में पता चला कि उसके पास बीमा करने का कोई लाइसेंस नहीं है और जो दस्तावेज बीमे के उसे दिए गए हैं वह फर्जी हैं। ऐसे में उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच उपरांत उसके द्वारा लगाए आरोप सही पाए जाने पर बराड़ प्रदूषण चेक सेंटर के संचालक हरमनप्रीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाकर बीमा करने का केस दर्ज किया है। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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